अमीबा में भोजन ग्रहण कैसे होता है?

अमीबा में भोजन ग्रहण कैसे होता है?
अमीबा जलाशयों में पाया जाने वाला एक कोशिकीय जीव होता है। अमीबा की कोशिका में एक कोशिका झिल्ली होती है । एक गोल सघन केंद्र एवं कोशिका द्रव्य में बुलबुले के समान अनेक धनिया होती हैं।अमीबा में भोजन ग्रहण कैसे होता है?

अमीबा निरंतर अपनी आकृति स्थिति बदलता रहता है । यह एक अथवा अधिक अंगुलियों के समान प्रवर्धक निकालता रहता है जिन्हें पदाभ (कृत्रिम पैर ) कहते हैं । इन कृत्रिम पैरों की मदद से गति तथा भोजन पकड़ने में सहायता होती है।

अमीबा कुछ सूक्ष्मजीवों का आहार करता है तथा इसे भोजन का आभास होता है । तो यह खाद्य कण के चारों और पादाभ विकसित करके उसे निगल लेता है । खाद्य पदार्थ उसकी खाद्य धानी में फंस जाते हैं।
खाद्यधानी में ही पाचक रस स्रावित होते हैं यह खाद्य पदार्थ पर क्रिया करके उन्हें सरल पदार्थों में बदल देते हैं।

पचा हुआ खाद्य धीरे-धीरे अवशोषित हो जाता है अवशोषित पदार्थ अमीबा की वृद्धि रखरखाव एवं गुणन के लिए उपयोग किया जाता है । बिना पचा अपशिष्ट खाद्यधानी द्वारा बाहर निकाल दिया जाता है ।