What is Remedial Teaching?

What is Remedial Teaching ‘उपचारात्मक’ शब्द अंग्रेजी के Remedial का हिंदी रूपांतर हैं l Remedial शब्द चिकित्सा जगत के ‘ remedy ‘से लिया गया हैं l Remedy का अर्थ होता हैं उपचार करना, ईलाज करना l

Remedial Teaching प्रस्तावना

जिस प्रकार एक डॉक्टर अपने मरीज की परेशानी का मूल जानने के बाद उसका इलाज करता है , ठीक उसी पर एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों की समस्या को जानने के बाद समस्याओं को दूर करने के लिए उपचारात्मक शिक्षण पद्धति का उपयोग करके अपने विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करता है।

Remedial Teaching

उपचारात्मक शिक्षण का अर्थ –

शिक्षा जगत में उच्चारण शब्द चिकित्सा शास्त्र से लिया गया है ,जिस प्रकार एक डॉक्टर विभिन्न परीक्षणों के द्वारा रोगी के रोग का कारण का पता लगाकर उसकी उचित चिकित्सा करता है। ठीक उसी प्रकार एक कुशल शिक्षक विभिन्न शिक्षण विधियों तथा प्रविधि, परीक्षणों, निरीक्षण वा वार्तालाप के आधार पर शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े व कमजोर बच्चों की कठिनाइयों का पता लगाकर उसको उपचारात्मक शिक्षण के द्वारा कठिनाइयों को दूर करके विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता में वृद्धि करता है सामान्य बालकों की श्रेणी में लाने का प्रयास करता है ।

परिभाषाएं –

योकम एवं सिम्पसन महोदय ” उपचारात्मक शिक्षण विधि को खोजने का प्रयत्न करता है , जो छात्र को अपनी कुशलता या विचार की त्रुटियों को दूर करने में सफलता प्रदान करें”,।

ब्लायर महोदय ” उपचारात्मक शिक्षण का प्रमुख कार्य है दोषपूर्ण अध्ययन एवं अध्यापन के प्रभाव को दूर करना तथा इसके मुख्य लक्ष्य है, इन दोषों व दोषों के कारणों को खोजना तथा इन कमजोरियों का निराकरण करना।

उपचारात्मक शिक्षण का महत्व

उपचारात्मक शिक्षण के निम्नलिखित महत्त्व है-

  • इस विधि से छात्रों की विषय संबंधित कठिनाई को पता लगाया जा सकता है।
  • इससे छात्रों की सामान्य समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
  • छात्रों की प्रतिभा को उचित पोषण मिलता है।
  • व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास किया जाता है।
  • बालक अपने वातावरण से उचित समायोजन कर सकता है।
  • शिक्षण को रोचक तथा उद्देश्य पूर्ण बनाया जा सकता है।

शिक्षक को छात्रों की त्रुटियां व कठिनाइयों को कैसे जानना चाहिए?

  • कक्षा कार्य द्वारा
  • गृह कार्य व प्रोजेक्ट कार्य के द्वारा
  • सत्र परीक्षण के परिणाम के द्वारा
  • मासिक अर्धवार्षिक तथा वार्षिक परीक्षा के परिणाम के द्वारा
  • कक्षा में छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के प्राप्त उत्तर द्वारा
  • छात्रों के कक्षा में किए गए व्यवहार द्वारा
  • अभिभावकों से साक्षात्कार द्वारा

उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करने की विधियां –

छात्रों की त्रुटियों की जानकारी होने के बाद एक शिक्षक इन्हें दूर करने के लिए उपचारात्मक शिक्षण कार्य को व्यक्तिगत तथा सामूहिक दोनों प्रकार से प्रदान कर सकता है । छात्रों को उनके मानसिक स्तर, कठिनाई स्तर के अनुसार क्रियाकलाप अथवा अभ्यास कार्य किया जाना चाहिए।

एक शिक्षक को कौन-कौन से उपचारात्मक क्रियाकलाप करवाना चाहिए –

  • व्यक्तिगत शिक्षण
  • सामूहिक शिक्षण
  • वाद विवाद प्रतियोगिता
  • प्रोजेक्ट कार्य गृह कार्य
  • शिक्षण सहायक सामग्री के प्रयोग द्वारा
  • सतत व व्यापक मूल्यांकन द्वारा

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