एडीएचडी (ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार) – ADHD in Hindi

ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार (ADHD) क्या है?

ध्यान अभाव अति क्रियाशीलता विकृति || Attention Deficit Hyperactivity Disorder || ADHD) || एडीएचडी || ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार ||

इसे सामान्य भाषा में ADHD कहते हैं। इन बच्चों मै आवेगो के नियंत्रण की समस्या होती है। इनका ध्यान केंद्रित नहीं हो पाता। इस कारण कक्षा में अनुशासनहीनता करते हैं तथा शिक्षण में बाधा उत्पन्न करते हैं। यह स्नायुतंत्र संबंधित विकृति है जिसमें असामान्य स्तर का ध्यान, आवेग तथा अति क्रियाशीलता सम्मिलित होती है। यह बच्चे संवेगात्मक रूप से स्थिर होते हैं। प्राथमिक स्तर के बच्चों तथा लड़कियों की अपेक्षा लड़कों में अधिक पाया जाता है। यदि प्राथमिक स्तर के बच्चों का प्रबंधन ठीक से नहीं किया जाए तो यह कठिनाई किशोरावस्था तक अथवा प्रौढ़ अवस्था तक बनी रह जाती है। इस विकार के लिए जैविक कारक जिम्मेदार नहीं होते हैं, बल्कि कुछ आहार संबंधित कारक विशेष रूप से भोजन के रंग व जंक फूड तथा दूसरी ओर सामाजिक मनोवैज्ञानिक कारक जिम्मेदार माने जाते हैं।

ADHD के लक्षण :-

  • कक्षा में अलग-अलग सीटों को बदलना
  • अत्यधिक तीव्र वार्तालाप करना
  • अपनी बारी का इंतजार ना कर पाना
  • उन्हें सदैव बेचैनी बनी रहती है
  • कार्य व खेल आदि में ध्यान की कमी
  • कही गई बातों को पूरा ना सुनना
  • बाहरी उत्तेजना का शीघ्र प्रभाव
  • निर्देशों का ठीक से पालन न करना
  • स्वचालित व्यवहार करना
  • भूलने की समस्या
  • कार्य करने वाली सामग्री कलम,पुस्तक आदि को खो देना
  • दूसरों की बात को सुने बिना बात बीच में काट देना
  • प्रश्न समाप्त होने से पूर्व उत्तर देना
  • स्वचालित व्यवहार करना
  • हाथ-पैर की उंगलियों को चलाते रहना

उपचार विधि :-

इन बच्चों के उपचार के लिए निम्न क्रियाएं कराई जा सकती हैं :-

  • एकाग्रता समय के साथ मेल बैठाने के लिए एक कार्य को पूरा करने के लिए आवंटित समय को घटाना और चरणबद्ध तरीके से इस एकाग्रता समय को बढ़ाना इस विकार से निबटने हेतु सर्वाधिक उपयुक्त है।
  • इन बालको को शिक्षक के निकट ही इनकी बैठने की व्यवस्था की जाए।
  • कार्य करने के लिए अधिक समय दिया जाना चाहिए।
  • इन बच्चों को खिड़की व द्वार से दूर बैठाया जाए।
  • यह सूत्र प्रयोग किया जाना चाहिए विराम ले- चिंतन करें- कार्य करें (Stop -Think -Action )
  • पुनर्बलन प्रदान किया जाए।
  • रिटेलिंग नामक दवा एकाग्रता में वृद्धि करती है लेकिन विकार को ठीक नहीं कर पाती।
  • सीधी सपाट प्रश्न पूछे जाए
  • अनुपयुक्त व्यवहार पर ध्यान देना।
  • सकारात्मक व्यवहार के लिए प्रोत्साहित करना

अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर के कारण (Causes of of Attention deficit hyperactivity disorder (ADHD) ) :-

एडीएचडी के सही कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन मनोविज्ञानिको के अनुसार एडीएचडी के विकास में कई कारक शामिल हैं जैसे:

genetics (आनुवंशिकी) :– अगर परिवार में किसी को यह समस्या है तो आने वाले पीढ़ी में भी यह समस्या देखने को मिलती है।

Environment (पर्यावरण) :- आनुवंशिकी के अतिरिक्त, कई पर्यावरणीय कारक एडीएचडी पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है । गर्भावस्था के दौरान माँ द्वारा शराब के सेवन से fetal alcohol spectrum disorders हो सकता है जिसमें एडीएचडी या इसके जैसे लक्षण शामिल हैं। कुछ जहरीले पदार्थों जैसे कि सीसा के संपर्क में आने से बच्चे, में एडीएचडी जैसी समस्याओं का विकास होता हैं।

Development (विकास) :- बच्चे के विकास के महत्वपूर्ण क्षणों में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में समस्याएं भी एडीएचडी के होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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