विश्व क्षय (टीबी) रोग

विश्व क्षय (टीबी) रोग

विश्‍व क्षयरोग दिवस प्रत्येक वर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। विश्व क्षय रोग मनाने का उद्देश्य वैश्विक बीमारी के विषय मे सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाया जाए इसलिए विश्‍व क्षयरोग दिवस प्रत्येक वर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। क्षयरोग यानी टीबी ऐसा गंभीर संक्रमक रोग है,जिसे शुरुआती दिनों में ही पहचान कर इसका ईलाज किया जाना आवश्यक है।

रॉबर्ट कोच ने 24 मार्च ,1882 में टीबी बैसिलस की खोज की घोषणा की थी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के, दुनिया की 27 फीसदी टीबी के मामले भारत में हैं। टीबी की बीमारी भारत की एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है।

  • टीबी दुनिया का सबसे घातक संक्रामक रोग है।
  • TB का पूरा नाम ट्यूबरकु बेसिलाई है
  • TB को तपेदिक, क्षय रोग तथा यक्ष्मा आदि नामो से भी जाना जाता है
  • TB एक संक्रामक तथा छुवाछुत रोग है।
  • TB ज्यादातर फेफड़ों पर असर करता है और जब यह फेफड़ों पर असर करता है तो इसे पल्मनेरी TB कहते हैं (विश्व क्षय (टीबी) रोग)
  • TB यदि फेफड़े को छोड़कर किसी अन्य अंग पर असर करती है तो इसे एक्स्ट्रा पल्मनेरी ट्यूबरकुलोसिस कहते हैं
  • TB एक संक्रामक बीमारी है जो छड़ के आकार के माइक्रो बैक्टीरिया ट्यूबरकुलोसिस नामक कीटाणु से फैलती है
  • TB हवा के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
  • TB का रोग गाय में भी पाया जाता है।
  • TB का रोग गाय में भी पाया जाता है गाय का कच्चा दूध पीने वाले व्यक्ति में TB हो सकता है (विश्व क्षय (टीबी) रोग)
  • एड्स के बाद TB सबसे बड़ी जानलेवा बीमारी है
  • हर 3 मिनट में दो TB के मरीज मर जाते है ।
  • दुनिया के लगभग 30% TB के मरीज भारत में है जो दुनिया में सबसे ज्यादा है
  • TB होने पर सीने की एक्स-रे करना चाहिए बलगम व थुक की जांच करवानी चाहिए
  • हर साल 24 मार्च को विश्व TB दिवस मनाया जाता है (विश्व क्षय (टीबी) रोग)

कैसे होता है फैलाव

टीबी के बैक्टीरिया सांस द्वारा सांस द्वारा फेफड़ों में पहुंच जाते हैं । जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु की वजह से होती है। किसी रोगी के खांसने, बात करने, छींकने या थूकने के समय बलगम व थूक की बहुत ही छोटी-छोटी बूंदें हवा में फैल जाती हैं,जिनमें उपस्थित बैक्टीरिया कई घंटों तक हवा में रह सकते हैं और स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में सांस लेते समय प्रवेश करके रोग पैदा करते हैं। इनके संक्रमण से फेफड़ों में छोटे-छोटे घाव बन जाते हैं। यह एक्स-रे द्वारा जाना जा सकता है, घाव होने की अवस्था के सिम्टम्स हल्के नजर आते हैं। यदि व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्ति कमजोर हो तो इसके लक्षण जल्द नजर आने लगते हैं।

TB के लक्षण :-

  • हल्का बुखार, भूख न लगना, वजन घटना, बार बार हाफना, बेचैनी और सुस्ती रहना, थकावट, रात में पसीना आना, लगातार खांसी आना TB के लक्षण है
  • अगर 2 हफ्ते से भी ज्यादा समय तक खांसी हो और सीने में दर्द हो तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए
  • TB के लक्षण बोकाइटिस, निमोनिया और फेफड़ों के कैंसर से मिलते-जुलते हैं
  • लगातार 3 हफ्तों से खांसी का आना और आगे भी जारी रहना।
  • खांसी के साथ खून का आना।
  • छाती में दर्द और सांस का फूलना।
  • वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना।
  • शाम को बुखार का आना और ठंड लगना।
  • रात में पसीना आना।