शैक्षिक अनुसंधान (Educational Reserch)

अनुसंधान क्या होता है?

शैक्षिक अनुसंधान (Educational Reserch) या अनुसंधान मनुष्य के जीवन को निखारता है और उसके जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाता है l अनुसंधान का अर्थ है वैज्ञानिक विधियों द्वारा अपनी समस्याओं का समाधान करना l अर्थात नए ज्ञान की खोज करना अनुसंधान कहलाता है l अनुसंधान में नए ज्ञान के द्वारा नई समस्याओं का निर्वाण किया जाता है

शैक्षिक अनुसंधान क्या होता है?

वैज्ञानिक तकनीकों की सहायता से शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं का हल खोजना शैक्षिक अनुसंधान कहलाता है l शैक्षिक अनुसंधान द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए विकास किए जाते हैं और पुरानी समस्याओं को सुधार कर शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता को बढ़ाया जाता है l तथा उसे और अधिक प्रभावी बनाया जाता है l

अतः अनुसंधान का हमारे जीवन के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान होता है, इसके बिना शिक्षा में उन्नति करना असंभव होता है, इसलिए यह शिक्षा के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान देता है l

अनुसंधान के सोपान (Step of Reserch) :-

अनुसंधान के प्रक्रिया के 6 सोपान होते हैं :-

  1. अनुसंधान की समस्या को पहचानना अथवा अनुसंधान की समस्या का चयन करना
  2. परिकल्पना का प्रतिपादन करना अथवा अनुसंधान की समस्या का उद्देश्य अथवा संबंधित शोध साहित्य की समीक्षा करना
  3. विधियों और तकनीकीयों का चयन करना अथवा शोध की रूपरेखा तैयार करना
  4. आंकड़ों का संकलन करना
  5. आंकड़ों का विश्लेषण तथा प्रयोग करना
  6. परिणाम तथा निष्कर्ष निकालना

अनुसंधान के प्रकार (Types of Reserch):-

अनुसंधान तीन प्रकार के होते हैंl

  • मौलिक अनुसंधान :- (Fundamental or Basic or Research)
  • व्यावहारिक अनुसंधान (applied Reserch)
  • क्रियात्मक अनुसंधान (action Reserch)
अनुसंधान के प्रकार (Types of Reaserch)
शैक्षिक अनुसंधान

मौलिक अनुसंधान:- यह ज्ञान को पाने के लिए एक मौलिक अनुसंधान होता है l यह अनुसंधान प्रयोगशाला में जानवरों के साथ ही या फिर दूसरे वातावरण में किया जाता है l इस अनुसंधान का प्रयोगिकता से कोई संबंध नहीं होता है l यह अनुसंधान मुख्यतः अधिगम के सिद्धांतों को स्थापित करने के लिए लागू किया जाता है lशैक्षिक अनुसंधान

उदाहरण :- ज्यादातर मौलिक अनुसंधान जानवरों पर लागू किए गए हैं l पुनर्बलन के सिद्धांत को बताने के लिए और उनका अधिगम पर प्रभाव देखने के लिए बिल्ली पर किया गया प्रयोग अनुकूलन और पुनर्बलन के सिद्धांतों को बताता है पियाजे का संज्ञानात्मक विकास भी इसी अनुसंधान में आता है l इसलिए यह अनुसंधान पारंपरिता से प्रयोग में लाया जाता है और हम इसे अपने आप से नहीं बदल सकते l

व्यावहारिक अनुसंधान (Applied Reserch) :- मौलिक अनुसंधान में तो हम अधिगम के सामान्य नियमों की खोज करते हैं, लेकिन व्यवहारिक अनुसंधान यह बताता है कि इन नियमों को हमें कक्षा में कैसे लागू करना है l मौलिक अनुसंधान अपने सिद्धांत का प्रतिपादन को पूरा करने के लिए व्यवहारिक अनुसंधान के निष्कर्षों पर निर्भर करता हैl

उदाहरण :- अधिगम के सिद्धांतों से हम अधिगम को सुधारते हैं l व्यवहारवाद के सिद्धांतों से हम व्यवहार में सुधार लाते हैं l अतः मौलिक अनुसंधान का अनुप्रयोग ही व्यवहारिक अनुसंधान कहलाता है

क्रियात्मक अनुसंधान(Actiion Reserch) :- क्रियात्मक अनुसंधान वह प्रक्रिया है जिसमें हम अपनी समस्याओं को पढ़ने के लिए और उनका मूल्यांकन करने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग करते हैं l

इस अनुसंधान में परिकल्पना का होना बहुत जरूरी है l इस अनुसंधान में समस्या पर योगिक होती है l परिकल्पना समस्या के कारणों पर प्रतिपादित की जाती है l यह पारंपरिक अनुभवों का निर्धारण नहीं करती है l अतः इस अनुसंधान का उद्देश्य तत्काल प्रयोग समस्याओं को हल करना होता है l

अनुसंधान का महत्व (Significance of Reserch) :-

• औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्र में इसका प्रयोग किया जाता है
• यह निरंतर ज्ञान वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है
• अनुसंधान से हम यह भी अध्ययन कर सकते हैं कि तकनीकी प्रगति की वजह से हमारे समाज पर क्या प्रभाव पड़ रहा है
• अनुसंधान द्वारा अज्ञानता और अंधविश्वास को दूर किया जाता है
• सामाजिक अनुसंधान तथा संकलन में उपयोगी सिद्ध होता है

अनुसंधान की मापन प्रविधियां (Measureing tools of Reserch)

अनुसंधान मापन की प्रविधियां निम्नलिखित है:-

• प्रश्नावली प्रविधि (Questionnaire Techinue)
• अवलोकन प्रविधि (Observation Technique)
• अनुस्थिति मापन (Rating Scale)
• समाजमिति प्रविधि (Sociometry Technology)
• साक्षात्कार प्रविधि (Interview Techniques)
• प्रवीणता प्रविधि (Aptitude Techniques)
• अनुसूची मापन प्रविधि (Shedual Techniques)

Educational Technology
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