बहुस्तरीय शिक्षण का अर्थ

बहुस्तरीय शिक्षण का अर्थ

विभिन्न उपलब्धि स्तर वाले बच्चों को कुशलतापूर्वक पढ़ाने की योजनाबद्ध प्रक्रिया बहु स्तरीय शिक्षण कहलाती है। मानसिक स्तरीय शिक्षण ही बहुस्तरीय शिक्षण कहलाता है। एक ही कक्षा में अलग अलग तरीके से व अलग-अलग गति से सीखने वाले छात्र होते हैं।

जब एक ही शिक्षक एक ही समय में कक्षा के प्रत्येक बच्चों को उनके स्तर के आधार पर समूहों में बांटकर शिक्षण कार्य करता है तो वह बहु स्तरीय शिक्षण कहलाता है। जैसे किसी कक्षा में गणित विषय में तेज मध्यम तथा धीमी गति से सीखने वाले बच्चे होते हैं। उन्हें करना कठिन मध्यम एवं सरल प्रश्न देकर हल करना ही बहु स्तरीय शिक्षण कहलाता है।

मूल्यांकन के आधार पर बच्चों की उपलब्धि स्तर का निर्धारण A,B,C और BCD ग्रेड से करके पाठ्यक्रम का शिक्षण बच्चों के मानसिक स्तर और उनके सीखने की दर के अनुसार करना ही उपयुक्त होता है।

बहुस्तरीय शिक्षण की आवश्यकता :-

  • बच्चों की उपलब्धि स्तर का अलग होना
  • बच्चों में सीखने की गति का अलग होना
  • बच्चों में पाई जाने वाली व्यक्तिगत विभिन्नता
  • प्रत्येक बालक का मानसिक विकास अलग होना

किंडर गार्डन पद्धति 👈👈👈

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