बुनियादी शिक्षा पद्धति (Basic Education System)

बुनियादी शिक्षा पद्धति (Basic Education System)
बुनियादी शिक्षा पद्धति के जन्मदाता श्री मोहनदास करमचंद गांधी थे। इनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ था। इनके पिता का नाम करमचंद गांधी तथा इनके दादा का नाम उत्तमचंद गांधी था। महाराष्ट्र में वर्धा में 1935 में सेवाग्राम आश्रम की स्थापना की जहां पर सन 1937 में बुनियादी शिक्षा हेतु वर्धा योजना डॉ जाकिर हुसैन के नेतृत्व में बनाई गई और 1938 में इसका अनुपालन हुआ। 1938 में बुनियादी तालीम संघ की स्थापना की गई। बुनियादी शब्द फारसी भाषा का रोमांटिक शब्द है, जिसका अर्थ है शिक्षा का आधार ।
• हिंद स्वराज, माय एक्सपेरिमेंट विथ ट्रुथ, यरवडा के मंदिर :- महात्मा गांधी द्वारा लिखित पुस्तकें
• इंडियन ओपिनियन, यंग इंडिया, नवजीवन, हरिजन :- गांधीजी द्वारा प्रकाशित पत्रिकाएं
गांधीजी का सामान्य दर्शन
• ईश्वर में पूर्ण विश्वास
• सत्य
• अहिंसा
• सत्याग्रह
• निर्भयता
बुनियादी शिक्षा के सिद्धांत
• अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा 14 वर्ष तक के बालकों के लिए संविधान का अनुच्छेद 45
• शिक्षा का माध्यम मातृभाषा मातृभाषा में बालक सहायता से दिखता है।
• हस्तशिल्प का प्रशिक्षण बालक को उत्पादन के कार्यों में शिक्षा प्रारंभिक स्तर पर देनी चाहिए
• स्वाबलंबी शिक्षा सीखते हुए कमाना व कमाते हुए सीखना
• शारीरिक श्रम का सिद्धांत
• अहिंसा का सिद्धांत
• सामाजिक शिक्षा मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है समाज के साथ समायोजन करना चाहिए साथ में मिलजुल कर काम करने पर बल दिया जाना चाहिए।
गुण
• क्रिया प्रधान है।
• यह शिक्षा बालक प्रधान है।
• बालक का सामाजिकरण करती है।
• यह शिक्षा हस्तकला पर जोर देती है।
• इस शिक्षा का आधार मनोवैज्ञानिक है।
• इस शिक्षा का आधार आर्थिक उत्पादन है।
• इस शिक्षा में बालक और अध्यापक को पर्याप्त स्वतंत्रता रहती है।
दोष
• यह शिक्षक उत्पादकता पर बल देती है।
• अभिभावकों ने इस शिक्षा में किसी प्रकार का उत्साह प्रकट नहीं किया
• हस्तशिल्प से सभी विषय नहीं पढ़ाई जा सकते
• आज का युग मशीनों का है जबकि गांधी दर्शन में हस्तशिल्प पर बल दिया जाता था।
• यह विधि गांव के लिए उपयुक्त है तथा शहर के लिए अनुपयुक्त विधि है।

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