बाल विकास एवं सीखने कि प्रक्रिया

प्रस्तुत पुस्तक बाल विकास एवं सीखने कि प्रक्रिया उत्तर प्रदेश DIPLOMA IN ELEMENTARY EDUCATION , पूर्व नाम बी टी सी प्रथम सेमेस्टर हेतु राज्य शिक्षा संस्थान, उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद द्वारा प्रदत्त शिक्षण सामग्री है । इस पुस्तक में निम्नलिखित अध्याय है । हमें आशा है कि आप सभी हमारा यह प्रयास जरूर पसंद आयेग।

बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया
बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया

बाल विकास एवं सीखने कि प्रक्रिया:-

  • बाल विकास का अर्थ आवश्यकता तथा क्षेत्र
  • बाल विकास की अवस्थाएं (शैशव, बाल्य तथा किशोर अवस्था ) एवं उनके अंतर्गत होने वाले विकास।
  • शारीरिक विकास
  • मानसिक विकास
  • संवेगात्मक विकास
  • भाषा विकास (अभिव्यक्ति क्षमता का विकास)
  • सृजनात्मकता एवं सृजनात्मक क्षमता का विकास
  • व्यक्तित्व का विकास , अर्थ तथा प्रकार
  • कल्पना, चिंतन और तर्क का विकास
  • बाल विकास के आधार एवं उन को प्रभावित करने वाले कारक
  • वंशानुक्रम
  • अधिगम का अर्थ तथा अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक
  • अधिगम की प्रभावशाली विधियां
  • अधिगम के नियम – थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियम तथा सीखने में उनका महत्व
  • अधिगम के प्रमुख सिद्धांत तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यवहारिक उपयोगिता
  • पावलव का संबन्ध प्रतिक्रिया का सिद्धांत
  • थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत
  • स्किनर का क्रिया प्रसूत अधिगम सिद्धांत
  • कोहलर का सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत
  • पियाजे का सिद्धांत
  • वाइगोत्सकी का सिद्धांत
  • सीखने का वक्र – अर्थ एवं प्रकार तथा सीखने में उनका महत्व
  • पठार – अर्थ , कारण और निराकरण
  • अभिप्रेरणा का अर्थ प्रकार एवं महत्व
  • ध्यान अर्थ प्रकार तथा बच्चों की रुचि का परीक्षण
  • विस्मरण अर्थ कारण एवं महत्व
  • रुचि अर्थ प्रकार तथा बच्चों की रुचि का परीक्षण
  • स्मृति अर्थ प्रकार तथा अच्छे समृद्धि के प्रभावी कारक

‘ बाल विकास एवं सीखने कि प्रक्रिया ‘ इस पुस्तक के किसी भी अध्याय को पढ़ने के लिए आप दिए गए अध्याय पर क्लिक करे। प्रत्येक अध्याय का लिंक दिया गया है आप सभी इस पुस्तक का लाभ उठा सकते है । यह पुस्तक उत्तरप्रेश शिक्षा विभाग द्वारा प्रदत्त है । जो कि विभिन्न शिक्षक भर्ती परीक्षायों में पूछे जाने वाले महत्वपर्ण टॉपिक्स को कवर किया गया है ।