असमर्थता और अक्षमता की अवधारणा

Concept of Impairment , Disability and Handicap
क्षतियुक्तता , असमर्थता और अक्षमता (विकलांगता) की अवधारणा

क्षतियुक्तता या बाधिता की अवधारणा (Impairment) :-

किसी बालक के जन्म से ही अगर बाएं हाथ की उंगली को छोटी होती है । अर्थात लंबाई सामान्य नहीं है तो यहां यह कहा जा सकता है कि शरीर बनावट की दृष्टि से कुछ विकृति आ गई है। यह क्षतियुक्तता कहलाती है । यह शरीर संरचना संबंधी ह्रास , कमी अथवा विषमता होती है। बाधिता से शरीर का कोई भी भाग प्रभावित हो सकता है । जैसे कि कान में छेद , पोलियो ग्रस्त हाथ या पैर , मानसिक मंदता इत्यादि। बाधिता होने से शरीर के संबंधित भाग अथवा अंग की सामान्य के लिए प्रभावित होती हैं।

असमर्थता या अशक्तता :-

असमर्थता का कारण शारीरिक बनावट की क्रियाशीलता की क्षतियुक्तता अयोग्यता होती है। जैसे कि किसी व्यक्ति की एक आंख से ना देख पाना या एक कान से ना सुन पाना असमर्थता कहलाती है। (क्षतियुक्तता, असमर्थता और अक्षमता की अवधारणा)

विकलांगता या अपंगता की अवधारणा (Handicap) :-

असमर्थता व्यक्ति को किस सीमा तक विकलांग बनाती है। वह परिस्थितियों पर निर्भर करता है कि किसी व्यक्ति की असमर्थता किसी एक क्षेत्र में तो विकलांगता का कारण बनती है परंतु अन्य क्षेत्र में ऐसा नहीं होता । (क्षतियुक्तता, असमर्थता और अक्षमता की अवधारणा)

बहुत सी ऐसी असमर्थता हैं जो विकलांगता का कारण नहीं बनती उदाहरण के रूप में रंग भ्रम अंधापन यानी कलर ब्लाइंडनेस वाहन चलाने के लिए आड़े आता है और नेवी ऑफिसर अर्थात जल सेना में किसी पद पर कार्य करने के लिए अपंग या विकलांग माना जाता है ।

परंतु अन्य किसी ऐसे कार्य को करने के लिए समर्थ होता है । जहां रंग भ्रम यानी कलर ब्लाइंडनेस आड़े नहीं आता l जैसे की खेती का कार्य करना अर्थात खेती के कार्य में वह व्यक्ति विकलांग नहीं माना जाएगा तथा शिक्षक बनने में भी यह व्यवधान नहीं माना जाएगा।

एक अन्य क्षेत्र में जैसे एक हकलाने वाला व्यक्ति एक अच्छा भाषण देने वाला एक अच्छा वकील और शिक्षा संस्था में एक अच्छा शिक्षक नहीं बन सकता क्योंकि हकलाना इन सबके लिए अपंग आता है लेकिन यही व्यक्ति एक अच्छा लेखक वैज्ञानिक और चित्र कार्ड बन सकता है और क्षेत्रों में वह विकलांग नहीं माना जाएगा।

विकलांगता के प्रकार:-

• बाधिता या क्षतियुक्तता का संबंध शारीरिक संरचना (Structural) से होता है।
• असमर्थता या अशक्तता क्रियात्मक (Functional) होती है।
• अपंगता समाधि तथा मनोवैज्ञानिक (Social and Psychological) होती है।

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