National Commission for Backward Classes (राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग )

National Commission for Backward Classes (नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस , राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग)

नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस, Rastriya Pichda varg aayog, नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस का गठन कब हुआ, पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम 1993, NCBC

नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का उदय:-

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम 1993 के अनुरूप इंदिरा साहनी मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आधार पर हुआ था। नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस संविधान के अनुच्छेद 338 (10) के साथ अनुच्छेद 338 (5) अनुसार पिछड़े वर्गों से जुड़े लोगों की सभी शिकायतों अधिकारों एवं सुरक्षा उपायों पर विचार करने के लिए सक्षम संस्था है

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग क्या है?

नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस एक संवैधानिक संस्था है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की स्थापना 14 अगस्त 1993 को हुई थी। इसकी स्थापना 123 वें संवैधानिक संशोधन विधेयक 2018 तथा 102वें संशोधन के द्वारा की गयी थी। नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस को संवैधानिक संस्था बनाने के नया अनुच्छेद 338 बी बनाया गया था।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के 123 वें संशोधन विधेयक को मंजूरी प्रदान की थी। अब इस आयोग को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के बराबर अधिकार प्राप्त है।

नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस को अभी तक सिर्फ सामाजिक और शैक्षणिक आधार पर पिछड़ी जातियों को पिछड़े वर्गों की सूची में शामिल करने या पहले से शामिल जातियों को सूची से बाहर करने का अधिकार था। परन्तु जब से संविधान के 123 वें संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। तब से आयोग को संवैधानिक दर्ज प्राप्त है।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्यों के बारे में :-

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के प्रथम अध्यक्ष आरएन प्रसाद थे। वर्तमान में NCBC के अध्यक्ष डॉक्टर भगवान लाल साहनी एवं उपाध्यक्ष डॉ लोकेश कुमार प्रजापति है। आयोग में एक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा 3 सदस्य होते हैं। जो भारत सरकार के सचिव की श्रेणी और वेतन में होते हैं। और इनकी सेवा शर्त एवं कार्यकाल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय अधिसूचना दिनांक 23 अगस्त 2018 के द्वारा संचालित है।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का संघटन:-

  • नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस में पांच सदस्य होंगे ।
  • इनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
  • इनके कार्यकाल के सम्बन्ध में राष्ट्रपति द्वारा निर्णय लिया जायेगा।
  • नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस को प्रतिवर्ष अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपनी होगी और बाद में यह रिपोर्ट संसद और राज्य विधान सभाओं में प्रस्तुत की जाएगी।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के कार्य :

  • संविधान द्वारा प्रदान किये गए अधिकारों इत्यादि की निगरानी करना।
  • पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के हनन संबधी शिकायत का निवारण करना।
  • पिछड़ा वर्ग के सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए सुझाव देना।
  • नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस को शिकायतों की छानबीन इत्यादि के सम्बन्ध में सिविल कोर्ट के समान शक्तियां दी जाएँगी।

आयोग की शक्तियां :-

नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासिस को धारा 9 की उपधारा (1) के अधीन अपने कृत्यों कापालन करते समय, और विशिष्टतया निम्नलिखित विषयों के संबंध में वे सभी शक्तियां होंगी, जो वाद का विचारण करते समय सिविल न्यायालय को हैं, अर्थात् :-
(क) भारत के किसी भी भाग से किसी व्यक्ति को समन करना और हाजिर कराना तथा शपथ पर उसकी परीक्षा करना ;
(ख) किसी न्यायालय या कार्यालय से किसी लोक अभिलेख या उसकी प्रति की अपेक्षा करना ;
(ग) साक्षियों और दस्तावेजों की परीक्षा के लिए कमीशन निकालनकरना
(घ) किसी दस्तावेज को प्रकट और पेश करने की अपेक्षा करना ;
(ङ) संविधान में अनुच्छेद 342 (क) जोड़कर प्रस्तावित आयोग को सिविल न्यायालय के समान अधिकार प्राप्त है। इससे आयोग को पिछड़े वर्गों की शिकायतों का निवारण करने का अधिकार प्राप्त है।

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