शिक्षण कौशल क्या होता है? (Teaching Skills)

शिक्षण कौशल क्या होता है ?(Teaching Skills)

शिक्षण कौशल क्या होता है? इसका सीधा अर्थ होता है कौशल पूर्ण शिक्षण अर्थात् शिक्षण कार्य में कुशलता। इसका आशय शिक्षक द्वारा शिक्षण देते समय अपनाये जाने वाले हाव-भाव, भंगिमा या विविध कार्य-कलापों के व्यवहारिक तौर-तरीकों के समूह से लगाया जाता है।

अर्थात हम कह सकते है शिक्षक द्वारा कक्षा में पढ़ाने के दौरान विभिन्न प्रकार के क्रियाकलाप, हाव-भाव का प्रयोग करता है ताकि छात्रों को आसानी से समझाया जा सके। शिक्षण कौशल से शिक्षण बिन्दुओं के क्रम का ज्ञान होता है।

शिक्षण के तीन पहलू का ज्ञान (भावात्मक, ज्ञानात्मक तथा क्रियात्मक) कराने में शिक्षण कौशलों की आवश्यकता स्वयं में ही स्पष्ट है।

परिभाषा-

एन0एल0गेज– शिक्षण कौशल वह विशिष्ट अनुदेशन प्रक्रिया है, जिसे शिक्षक अपने कक्षा शिक्षण में प्रयोग कर सकता है। यह शिक्षणक्रम की विविध क्रियाओं से सम्बन्धित होता है, जिन्हें शिक्षक अपनी कक्षा अंतःप्रक्रिया में निरन्तर प्रयोग में लाता है।’’

प्रो0बी0के0पासी0– ‘‘यह सम्बद्ध शिक्षण व्यवहारों का वह स्वरूप होता है, जो कक्षा की विशिष्ट अन्तःप्रक्रिया परिस्थितियों को उत्पन्न करता है, जो शैक्षिक उद्देश्य को प्राप्त करने में सहायक होते हैं और छात्रों को सीखने में सुगमता प्रदान करते हैं”।

प्रोफेसर ऐलन ने 14 प्रकार के शिक्षण कौशल जबकि एनसीईआरटी ने 7 प्रकार की शिक्षण कौशल बताए हैं।

उद्दीपन विभिनता (stimulus variation)

इस कौशल से तात्पर्य है कि शिक्षक जानबूझकर शिक्षण क्रिया को बदलता है जिससे छात्रों का ध्यान पाठ्यवस्तु में केंद्रित किया जा सके। शिक्षक कक्षा में छात्रों को ध्यान को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए अपने शिक्षण प्रक्रिया को निरंतर बदलता रहता है ।

पाठ की प्रस्तावना कौशल (Introduction Teaching Skill) :-

शिक्षण कौशल को पाठ प्रारंभ क्वेश्चन अक्टूबर विन्यास प्रेरणा कौशल भी कहा जाता है। जब एक शिक्षक कक्षा में पाठ पढ़ाना आरंभ करता है तो वह शिक्षक पाठ पढ़ाने से आरंभ में उस पाठ का संक्षिप्त परिचय देता है। जिसे भूमिका या इंट्रोडक्शन कहा जाता है। वह कितनी सफलता से परिचय देता है कि कक्षा में सभी छात्रों का ध्यान आकर्षित कर सके पाठ लेखन तथा उद्देश्यों को लिखने की समस्या प्रस्तावना तैयार कर ली जाती है । पाठ प्रस्तावना एक शिक्षक के कल्पना शक्ति तथा अनुभव के आधार पर तैयार की जाती है।

कक्षा प्रबंधन का कौशल (Skill for Class Management) :-

कक्षा शिक्षण में जो भी क्रिया की जाती है उनसे अधिगम के लिए उपयुक्त वातावरण उत्पन्न किया जाता है। इसके लिए भौतिक सामाजिक और शैक्षिक क्रियाओं का समुचित व्यवस्था करनी चाहिए।

मौन एवं अशाब्दिक अंतः प्रक्रिया (silence and nonverbal cues) :-

कक्षा में शिक्षक शाब्दिक अंतः प्रक्रिया के लिए कुछ संकेत तथा हावभाव का प्रयोग करता है । जो छात्रों को शिक्षा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं तथा अवांछित व्यवहारों को रोकते हैं । यह कौशल कक्षा में अंत: प्रक्रिया के लिए अधिक उपयोगी तथा प्रभावी होते हैं।

व्याख्यान कौशल (lecturing skill) :-

यह कौशल पाठ्यवस्तु को प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के लिए आवश्यक माना जाता है । जिसमें समुचित प्रविधियों तथा युक्तियों का प्रयोग करता है । शिक्षक कक्षा में शिक्षण के दौरान शिक्षक सहायक सामग्रियों का भी सहायता लेता है ।

संप्रेषण कौशल (Communication Skills) :-

शिक्षण के समय प्रत्येक अवस्था में इस कौशल की आवश्यकता होती है कि शिक्षण जो कहना चाहता है उसे शुद्ध रूप में छात्रों तक पहुंचा सके। इसे संप्रेषण की पूर्णता का कौशल कहते है ।

गृहकार्य देने का कौशल :-

गृहकार्य देने का कौशल यह वह कौशल है जो छात्रों को पाठ्य वस्तु की व्यवस्था तथा परीपाक में सहायता प्रदान करता है । इसके द्वारा स्वतंत्र अध्ययन को प्रोत्साहित करता है।

व्याख्या कौशल :-

शिक्षक जब कक्षा में पढ़ाता है तो शिक्षक द्वारा उस पाठ को विस्तार से जानकारी प्रदान करता है।