What is CTET?

CTET यानी सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट l RTE एक्ट 2010 के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनने के लिए सीटेट परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है l CTET SYLLABUS, परीक्षा तथा परिणाम सीबीएसई द्वारा जारी किया जाता है

CTET क्या है?

आरटीई एक्ट 2010 बनने के बाद शिक्षक बनने के मानदंड में परिवर्तन आया है, अब शिक्षक बनने के लिए एक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा जिसका नाम शिक्षक पात्रता परीक्षा होगा l केंद्र सरकार द्वारा आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा तथा राज्य सरकार द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जिसके आधार पर शिक्षकों का चयन होता है l कक्षा 1 से कक्षा 5 तक शिक्षक बनने के लिए सीटेट प्रथम उत्तीर्ण करना होता है, जबकि, कक्षा 6 से 8 तक शिक्षक बनने के लिए सीटेट द्वितीय उत्तीर्ण करना होता है l

What is CTET

CTET परीक्षा (1) का पाठ्यक्रम

CTET पेपर फर्स्ट कक्षा 1 – 5 तक शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य है l यह परीक्षा पांच खंडों में विभाजित है l परीक्षा की अवधि 150 मिनट तथा कुल पूर्णांक 150 अंक होता हैं कोई भी नकारात्मक अंकन नहीं होता l

  1. बाल विकास व शिक्षा शास्त्र 30 प्रश्न
  2. गणित 30 प्रश्न
  3. पर्यावरण अध्ययन 30 प्रश्न
  4. भाषा प्रथम (अंग्रेजी या हिंदी) 30 प्रश्न
  5. भाषा द्वितीय (अंग्रेजी या हिंदी) 30 प्रश्न

1. बाल विकास व शिक्षा शास्त्र 30 प्रश्न

बाल विकास और शिक्षाशास्त्र इन खंडों में विभाजित है।

बाल विकास और शिक्षा शास्त्र
  1. बाल विकास ( प्राथमिक विद्यालय का बालक) ( 15 प्रश्न )
  2. समावेशी शिक्षा की अवधारणा तथा विशेष शिक्षा वाले बालकों को समझना ( 5 प्रश्न )
  3. अधिगम और अध्यापन ( 10 प्रश्न )

1.1. बाल विकास ( प्राथमिक विद्यालय का बालक) ( 15 प्रश्न )

  1. विकास की अवधारणा तथा अधिगम के साथ उसका संबंध
  2. बालकों के विकास के सिद्धांत
  3. आनुवंशिकता और पर्यावरण का प्रभाव
  4. पियाजे, कोलबर्ग तथा वायगॉट्स्की के सिद्धांत
  5. सामाजिक प्रक्रिया : सामाजिक विश्व और बालक ( शिक्षक अभिभावक और मित्र गण)
  6. बाल केंद्रित और प्रगामी शिक्षा की अवधारणा
  7. बौद्धिकता के निर्माण का विवेचित संदर्भ
  8. बहुआयामी बौद्धिकता
  9. भाषा और चिंतन
  10. समाज निर्माण के रूप में लिंग, लिंग भूमिकाएं लिंग पूर्वाग्रह और शैक्षणिक व्यवहार l
  11. शिक्षार्थियों के मध्य व्यक्तिक विभेद, भाषा जाति लिंग समुदाय धर्म आदि की विविधता पर आधारित विवादों को समझना l
  12. अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम का मूल्यांकन के बीच अंतर , विद्यालय आधारित मूल्यांकन. सतत एवं व्यापक मूल्यांकन l
  13. शिक्षार्थियों की तैयारी के स्तर के मूल्यांकन के लिए कक्षा में शिक्षण और विवेचित चिंतन के लिए तथा शिक्षार्थियों के उपलब्धि के लिए उपयुक्त प्रश्न तैयार करना l

1.2. समावेशी शिक्षा की अवधारणा तथा विशेष शिक्षा वाले बालकों को समझना ( 5 प्रश्न )

1 गैर लाभ प्राप्त और अवसर वंचित शिक्षार्थियों सहित विभिन्न पृष्ठभूमि से आए शिक्षार्थी की आवश्यकताओं को समझना ।
2 अधिगम संबंधित समस्याएं, कठिनाई वाले बालकों की आवश्यकता ओं को समझना ।
3 मेधावी सृजनशील विशिष्ट प्रतिभावान शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं को समझना ।

1.3. अधिगम और अध्यापन ( 10 प्रश्न )

  1. बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं, बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफल होते हैं।
  2. अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएं, बालको की अधिगम कार्य नीतियां, सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगम, अधिगम के सामाजिक संदर्भ ।
  3. बालकों में अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालकों की त्रुटियों को समझना ।
  4. बालक एक समस्या समाधान करता तथा एक वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में ।
  5. बोध और संवेदनाएं
  6. प्रेरणाऔर अधिम
  7. अधिगम में योगदान देने वाले कारक जैसे निजी और पर्यावरण ।

2. भाषा प्रथम ( 30 प्रश्न )

2.1 भाषा बोधगम्यता (15 प्रश्न )

अपठित अनुच्छेदो को पढ़ना दो अनुच्छेद, एक कविता, एक गद्य अथवा एक कविता जिसमें बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे ( गद्य अनुच्छेद साहित्यिक वैज्ञानिक, वर्णनात्मक अथवा तक मूलक हो सकता है) ।

2.2 भाषा विकास का अध्यापन कला (15 प्रश्न )

  1. अधिगम और अर्जन
  2. भाषा अध्यापन के सिद्धांत
  3. सुनने और बोलने की भूमिका : भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं ।
  4. मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक कौशल ।
  5. एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ने की चुनौतियां : भाषा की कठिनाइयों त्रुटिया और विकार ।
  6. भाषा कौशल
  7. भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना।
  8. अध्यापन – अधिगम सामग्री : पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया, तथा कक्षा का भविष्य संसाधन
  9. उपचारात्मक शिक्षा

3. भाषा द्वितीय ( 30 प्रश्न )

3.1 बोधगम्यता (15 प्रश्न )

दो अनदेखे गद्य अनुच्छेद जिनमें बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे।

3.2 भाषा विकास का अध्यापन कला ( 15 प्रश्न )

  1. अधिगम और अर्जन
  2. भाषा अध्यापन के सिद्धांत
  3. सुनने और बोलने की भूमिका : भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं ।
  4. मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक कौशल।
  5. एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ने की चुनौतियां : भाषा की कठिनाइयों त्रुटिया और विकार ।
  6. भाषा कौशल
  7. भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना।
  8. अध्यापन – अधिगम सामग्री : पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया, तथा कक्षा का भविष्य संसाधन।
  9. उपचारात्मक शिक्षा

4. गणित ( 30 प्रश्न )

गणित विषय दो भागो मे विभाजित हैं (1) विषयवस्तु तथा (2) अध्यापन सम्बंधित मुद्दे ।

4.1 विषयवस्तु (15 प्रश्न )

  1. ज्यामिति आकृति
  2. आकार और स्थानिक समझ
  3. हरे चारे और विद्यमान ठोस पदार्थ
  4. संख्याएं
  5. जोड़ना और घटाना
  6. गुणा करना
  7. विभाजन
  8. मापन
  9. भार
  10. समय
  11. परिणाम
  12. आंकड़ा प्रबंधन
  13. पैटर्न
  14. राशि

4.2 अध्यापन सम्बंधित मुद्दे ( 15 प्रश्न )

  1. गणितीय तार्किक चिंतन की प्रकृति बालक के चिंतन एवं तर्कशक्ति पैटरनो तथा अर्थ निकालने वाले अधिगम की कार्य नीतियों को समझना ।
  2. पाठ्यचर्या में गणित का स्थान
  3. गणित की भाषा
  4. सामुदायिक गणित
  5. औपचारिक और अनौपचारिक पद्धतियों के माध्यम से मूल्यांकन
  6. शिक्षण की समस्याएं
  7. त्रुटि विश्लेषण तथा अधिगम और अध्यापन के प्रासंगिक पहले ।
  8. नैदानिक एवं उपचारात्मक शिक्षण ।

5. पर्यावरण अध्ययन ( 30 प्रश्न )

पर्यावरण अध्ययन और शिक्षा शास्त्र

5.1 विषयवस्तु (15 प्रश्न )

  1. परिवार और मित्र ( सम्बन्ध, कार्य और खेल, पशु, पक्षी )
  2. भोजन
  3. आश्रय
  4. पानी
  5. भ्रमण
  6. वे चीजें जो हम बनाते हैं और करते हैं ।

5.2 अध्यापन संबंधी मुद्दे (15 प्रश्न )

  1. ईवीएस की अवधारणा और व्याप्ति
  2. ईवीएस का महत्व, एकीकृत ई वीएस
  3. पर्यावरणीय अध्ययन एवं पर्यावरण शिक्षा
  4. अधिगम सिद्धांत
  5. विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की व्याप्ति और संबंध
  6. अवधारणा प्रस्तुत करने का दृष्टिकोण
  7. क्रियाकलाप
  8. चर्चा
  9. शिक्षण सामग्री
  10. सीसीई
  11. समस्याएं
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