डिस्ग्रफिया (Dysgraphia) क्या होता है?

डिस्ग्रफिया (Dysgraphia) क्या होता है? Dysgraphia is a learning disability that affects writing abilities. 

डिसग्राफिया अधिगम असमर्थता का कारण होती है। डिसग्राफिया का सम्बन्ध लिखने की बाध्यता से होता है। डिसग्राफिया से से ग्रसित बालकों को लिखने में कठिनाई आती है। डिसग्राफ़िया एक ख़ास तरह की सीखने की अक्षमता है जो लेखन के कौशल पर असर डालती है। इससे बाधित बच्चों द्वारा लिखे गए शब्दों को पढ़ने में कठिनाई आती है ।

लेखन धीमा, भद्दा व त्रुटिपूर्ण होता है । बालक लिखते लिखते शीघ्र थक जाता है तथा उसके उंगलियों में दर्द होता है । डिस्ग्रफिया अधिगम अक्षमता का वो प्रकार है जो लेखन क्षमता को प्रभावित करता है। यह वर्तनी संबंधी कठिनाई, ख़राब हस्तलेखन एवं अपने विचारों को लिपिवद्ध करने में कठिनाई के रूप में जाना जाता है। (नेशनल सेंटर फॉर लर्निंग डिसबलिटिज्म, 2006)।

डिस्ग्रफिया के लक्षण – इसके निम्नलिखित लक्षण है –

  • लेखन संबंधी कार्यों में कठिनाई होना ( डिस्ग्रफिया (Dysgraphia) क्या होता है?)
  • लाइनों का ऊपर – नीचे लिया जाना एवं शब्दों के बीच अनियमित स्थान छोड़ना तथा
  • अपूर्ण अक्षर या शब्द लिखना
  • अक्षरों का आकार समझने में कठिनाई होना।
  • पठनीय होने पर भी कापी करने में अत्यधिक श्रम का प्रयोग करना
  • शब्दों वाक्यों के बीच अंतराल अनियमित होता है।
  • अशुद्ध वर्तनी एवं अनियमित रूप और आकार वाले अक्षर को लिखना
  • अपठनीय हस्तलेखन
  • कलम पकड़ने का ढंग ठीक नहीं होता है।
  • वाक्य छोड़कर या पुनरावृति किया जाता है ।
  • लिखते समय स्वयं से बातें करना। (डिस्ग्रफिया (Dysgraphia) क्या होता है?)
  • लेखन समग्री पर कमजोर पकड़ या लेखन सामग्री को कागज के बहुत नजदीक पकड़ना

उपचार कार्यक्रम –

चूंकि यह एक लेखन संबंधी विकार है, अत: इसके उपचार के लिए यह आवश्यक है कि इस अधिगम अक्षमता से ग्रसित व्यक्ति को लेखन का ज्यादा से ज्यादा अभ्यास कराया जाय।इस अधिगम अक्षमता से ग्रसित व्यक्ति को लेखन का ज्यादा से ज्यादा अभ्यास कराया जाय।डिस्ग्रफिया (Dysgraphia) क्या होता है? इस आर्टिकल में हमने विस्तार से समझा है ।